चिन्यालीसौड़। लोकगायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की पहाड़ को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे न केवल पहाड़ का बल्कि चारों धामों और देवभूमि के देवी-देवताओं का भी अपमान बताया है।
प्रीतम भरतवाण ने कहा कि पहाड़ सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक संस्कृति, आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति पहाड़ के लोगों के प्रति गलत भाषा का प्रयोग करता है, तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
“पहाड़ी समाज स्वाभिमानी होता है, हम अपनी मातृभूमि के सम्मान के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे,” भरतवाण ने कहा।
मशहूर लोकगायक ने यह भी कहा कि अगर कोई पहाड़ को नीचा दिखाने का प्रयास करता है, तो उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि उत्तराखंड चारों धामों की पवित्र भूमि है। उन्होंने मांग की कि इस तरह की टिप्पणियों से बचा जाए और पहाड़ की गरिमा बनाए रखी जाए।
इस बयान के बाद उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पहाड़ी समाज से जुड़े कई लोग सोशल मीडिया पर प्रेमचंद अग्रवाल की टिप्पणी की निंदा कर रहे हैं और उनसे स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं।
पहाड़पन की खबरें आपको कैसी लगती हैं? हमें व्हाट्सएप पर अवश्य साझा कीजिए!
अब पहाड़पन पर आप अपने व्यवसाय का भी प्रचार-प्रसार कर सकते हैं।
📞 +917409347010
Leave a Reply